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LIC FULL FORM IN HINDI पूरी जानकारी

LIC Full Form in Hindi, LIC Ka Pura Naam Kya Hai, LIC क्या है, LIC Ka Full Form Kya Hai, LIC का Full Form क्या है,  LIC meaning, LIC क्या क्या कार्य होता है। इन सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में दिया जाएगा।

आज के इस नए युग में सभी मनुष्य जिंदगी में हो रहे उतार-चढ़ाव को संतुलित करने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रयास को पूरा करने हेतु पैसों की savings एवं कुछ मनुष्य तो अपने सारे बचे-कुचे संपत्ति को भी बैच कर पूरा कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य की गड़बड़ी अथवा व्यवसाय, बच्चों की पढ़ाई अथवा पारिवारिक जीवन में होने वाला अनावश्यक खर्च हो सकते है।

अतः हम यह कह सकते हैं कि एक संतुष्ट एवं सुदृढ़ जीवन को व्यतीत करने के लिए जोखिमों को कम करने हेतु कुछ उपायों का करना अनिवार्य है। यह उपाय विभिन्न इंसानों द्वारा विभिन्न प्रकार की हो सकती है। परंतु कम खर्च में एक अच्छी एवं लंबी विकल्प जिससे कि किसी भी मनुष्य के जीवन में होने वाले जोखिम कम हो जाए वह है बीमा।

बीमा विभिन्न प्रकार की होती है हेल्थ इंश्योरेंस, बिजनेस इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, बॉडी इंश्योरेंस इत्यादि। LIC ka full form in Hindi के इस आर्टिकल में आपको हम LIC से संबंधित सभी जानकारी देने वाले हैं। इसके साथ हम समझेंगे की LIC यानी भारतीय जीवन बीमा का क्या महत्व है।

LIC का full form क्या होता है? (LIC FULL FORM IN HINDI?)

LIC का full form life insurance corporation of india होता है। जिसे हिंदी में भारतीय जीवन बीमा निगम कहते हैं यह एक संस्था है। इस संस्था को कुछ बीमा कंपनियों के द्वारा सम्मिलित करके बनाया गया था। जो कि Life insurance corporation of India act में संकलित है। इसकी स्थापना 1 सितंबर 1956 ईस्वी को हुई थी। इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित है।

LIC का इतिहास क्या है? (What is the history of LIC in Hindi?)

ओरिएंटल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, जीवन बीमा कवरेज की पेशकश करने वाली भारत की पहली कंपनी है जो 1818 में कोलकाता में स्थापित की गई थी। इसका प्राथमिक लक्ष्य भारत के बाजार में स्थित यूरोपीय थे, और इसने भारतीयों से भारी प्रीमियम वसूला। सुरेंद्रनाथ टैगोर ने हिंदुस्तान इंश्योरेंस सोसाइटी की स्थापना की थी, जो बाद में जीवन बीमा निगम बन गई।

1870 में गठित बॉम्बे म्यूचुअल लाइफ एश्योरेंस सोसाइटी, पहली देशी बीमा प्रदाता थी। स्वतंत्रता पूर्व युग में स्थापित अन्य बीमा कंपनियों में शामिल हैं। डाक जीवन बीमा (PLI) 1 फरवरी 1884 को शुरू किया गया था।

भारत बीमा कंपनी (1896)

यूनाइटेड इंडिया (1906)

राष्ट्रीय भारतीय (1906)

राष्ट्रीय बीमा (1906)

सहकारी आश्वासन (1906)

हिंदुस्तान को-ऑपरेटिव्स (1907)

द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (1919)

भारतीय मर्केंटाइल

सामान्य आश्वासन

स्वदेशी लाइफ (बाद में बॉम्बे लाइफ)

LIC की कार्यआलय एवं शाखा की जानकारी (Information of workplace and branches of LIC in Hindi)

आज LIC ka full form hindi की 2048 पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत शाखा कार्यालय, 8 क्षेत्रीय कार्यालय, लगभग 113 मंडल कार्यालय, 2,048 शाखाओं और 1408 उपग्रह कार्यालय और केंद्रीय कार्यालय के साथ कार्य करता है। इसमें 73  ग्राहक क्षेत्र और 25 मेट्रो क्षेत्र सेवा केंद्र भी हैं। भारत के विभिन्न शहरों और कस्बों में इसके पास 1,537,064 व्यक्तिगत एजेंटों, 342 कॉर्पोरेट एजेंटों, 109 रेफरल एजेंटों, 114 दलालों और 42 बैंकों का एक नेटवर्क है जो जनता से जीवन बीमा व्यवसाय की याचना करता है।

LIC में कुल 22 विभाग है प्रत्येक विभाग में एक प्रमुख होते हैं अर्थात, आईटी / बीपीआर, निरीक्षण, निवेश, एसबीयू / एस्टेट्स, निवेश संचालन, पी एंड जीएस, बीमांकिक, अध्यक्ष संप्रदाय, एफ एंड ए, सूक्ष्म बीमा, आरटीआई, मानव संसाधन विकास, इंजीनियरिंग और सतर्कता।

एलआईसी के 8 आंचलिक कार्यालय हैं जिसके प्रमुख एक आंचलिक प्रबंधक (आई/सी) (कार्यकारी निदेशक संवर्ग) हैं जो बोर्ड के बाद निगम के प्रमुख निर्णय निर्माताओं में से एक हैं।

उत्तर क्षेत्र नई दिल्ली

मध्य क्षेत्र भोपाल

पूर्वी क्षेत्र कोलकाता

पश्चिम क्षेत्र मुंबई

दक्षिण क्षेत्र चेन्नई

पूर्व मध्य क्षेत्र पटना

उत्तर मध्य क्षेत्र कानपुर

दक्षिण मध्य क्षेत्र हैदराबाद

LIC कमांड और वर्टिकल लाइन ऑफ कमांड की एक क्षैतिज रेखा का अनुसरण करता है, जबकि प्रत्येक विभाग का नेतृत्व एक कार्यकारी निदेशक करता है। जोनल कार्यालयों का नेतृत्व एक ज़ोनल मैनेजर द्वारा किया जाता है जो ज़ोन के सभी विभागों और डिवीजनों की देखरेख करता है – जिससे वह वास्तव में CEO बन जाता है। जोन जोनल विभागीय प्रमुख क्षेत्रीय प्रबंधक होते हैं।

डिवीजनों का नेतृत्व सीनियर डिवीजनल मैनेजर (आई / सी) करते हैं जो डिवीजन के सभी विभागों और शाखाओं की देखरेख करते हैं। क्षैतिज प्रबंधन की 3 परतें हैं अर्थात् वरिष्ठ मंडल प्रबंधक (I/C), जोनल प्रबंधक (I/C) और अध्यक्ष/MD। ऊर्ध्वाधर प्रबंधन की भी 3 परतें होती हैं, अर्थात् प्रभागों के प्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक।

LIC के policies की जानकारी (Information of LIC policies in Hindi)

LIC ka full form इसमें निम्नलिखित प्रकार के पॉलिसी को सम्मिलित किया जाता है जिसमें से कुछ जीवन बीमा, शारीरिक बीमा है। इस बीमा की अवधि निम्नलिखित पॉलिसी के अनुसार निम्नलिखित हो सकती है। बीमा की अवधि क्रमशः 13,15 एवं 20 वर्ष की भी हो सकती है। बीमा की अवधि पूर्ण होने के बाद बीमाकर्ता को बीमा से मिलने वाले सभी लाभ प्राप्त हो जाते हैं। यह प्राप्ति भुगतान स्वरूप बैंक खातों में प्राप्त होता है।

LIC के मुख्य सदस्य (Who are the members of LIC in Hindi?)

इसके मुख्य सदस्य निम्नलिखित हैं जो इस प्रकार हैं –

एम आर कुमार (चेयरमैन)

मुकेश गुप्ता (मैनेजिंग डायरेक्टर)

श्रीमती आईपी मिनि  (मैनेजिंग डायरेक्टर)

सिद्धार्थ मोहंती (मैनेजिंग डायरेक्टर)

राजकुमार (मैनेजिंग डायरेक्टर)  etc

इसके अलावा और भी इसके अंतर्गत 2020 के अनुसार 114000 कर्मचारी कार्य करते हैं जोकि इसे देश की मुख्य बीमा कंपनी बनाते हैं और इसे अग्रसर करने पर हमेशा तत्पर रहते हैं।

LIC में बीमा के प्रकार क्या हैं? (What are the types of LIC in Hindi?)

एलआईसी में स्थिति बीमा निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-

जीवन बीमा

सुरक्षा बीमा

शारीरिक बीमा

वाहन बीमा

गृह बीमा

व्यावसायिक बीमा

म्यूचुअल फंड

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट etc

LIC में कैसे आवदेन करें? (How to apply in LIC in Hindi?)

LIC में नये पॉलिसी में आवेदन करने के लिए आवेदन कर्ता को LIC के एजेंट से संपर्क करना पड़ता है। वह एजेंट पॉलिसी से जुड़े सभी बातों को आवेदन करता को प्रस्तुत करता है। यह निश्चय आवेदन कर्ता का होता है कि वह किस तरह का पॉलिसी लेना चाहते है एवं कितना भुगतान करना चाहते है, और अंतिम में कितना रिटर्न चाहते है। पॉलिसी शुरू होने के बाद प्रत्येक निरंतर समय पर कुछ पैसे जमा करने होते हैं। जो या तो एजेंट के माध्यम से या तो LIC के ऑफिस में जमा करना पड़ता है।

LIC का INDIA में प्रभाव क्या है? (What is the impact of LIC in India in Hindi?)

यह एक बीमा संस्था है। जो केंद्र सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसमें किए जाने वाले सभी पॉलिसीज में जोखिम के मात्रा बहुत कम होती है क्योंकि इसका संचालन सरकार द्वारा नियुक्त किये जानें वाले कर्मचारी द्वारा किया जाता है। इस संस्था का 2019 का revenue ₹56,078,439 lakh (US$74 billion), कुल ऑपरेटिंग इनकम ₹270,348 lakh (US$360 million) है।

2019 के अनुसार इस संस्थान की वार्षिक आय ₹268,849 lakh (US$360 million) हैं एवं इस संस्थान की कुल संपत्ति ₹380,400,000 lakh (US$510 billion) हैं।

एलआईसी का टैगलाइन क्या है? (What is the Tagline of LIC in Hindi)

एलआईसी का टैगलाइन है “जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी।“ अर्थात इस में आने वाले सभी पोलिसी यह निश्चित करते हैं कि किसी भी मनुष्य के अथवा परिवार के मुख्य सदस्य जो पूरे परिवार का निर्वाह करता है। उसकी मृत्यु हेतु भी उसे अपने परिवार की चिंता ना करना पड़े। क्योंकि पॉलिसीज के अनुसार उसकी मृत्यु के पश्चात एक अच्छी खासी रकम (पॉलिसी के अनुसार) उसके पॉलिसी में स्थित नॉमिनी को प्रदान किए जाते हैं जिससे अचानक होने वाले क्षति की पूर्ति की जा सके एवं परिवार संभल सके।

LIC का उद्देश्य एवं लाभ क्या है? (What are the objects and profit of LIC in Hindi?)

इसका मुख्य उद्देश्य एव लाभ निम्नलिखित है-

  • मनुष्य के जीवन में अचानक होने वाले घटनाओं एवं जोखिमो से होने वाले पैसों की नुकसान  की मात्रा को कम करना है।
  • एक परिवार में परिवार के guardian के मृत्यु हैतू जो कि घर चलाते है एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते है उसके परिवार को एक वित्तीय (financial) सहायता प्रदान करना है। जिससे वह परिवार संभल सके एवं आगे बढ़ सके।
  • ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्थित पुरुष एवं महिलाओं को बहुत ही कम लागत पर बीमा पॉलिसी देना, जिससे उनके जीवन में आने वाले जोखिम को कम किया जा सके।

LIC पर भरोसा किया जाए या नहीं? (Should LIC be trusted or not?)

  • इकोनॉमिक टाइम्स ब्रांड इक्विटी सर्वे 2012 ने LIC को भारत के नंबर 6 सबसे भरोसेमंद सेवा ब्रांड के रूप में दर्जा दिया है।
  • वर्ष 2006 से LIC लगातार रीडर्स डाइजेस्ट ट्रस्टेड ब्रांड अवार्ड जीतती रही है।
  • ब्रांड ट्रस्ट रिपोर्ट के अनुसार लगातार 4 वर्षों – 2011-2014 के लिए  BFSI श्रेणी में भारत के सबसे विश्वसनीय ब्रांड को वोट दिया गया।

निष्कर्ष (Conclusion) :

अतः हम कह सकते हैं कि प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन के जोखिम को कम करने के लिए एक बीमा का  होना अत्यंत आवश्यक है। इसे उसके ही नहीं बल्कि उसके परिवार के सभी सदस्यों की अचानक होने वाली जरूरतों को पूरा किया जा सकता है जो स्वास्थ्य एवं जीवन रूपी जरूरत से है। LIC  संस्था आज पूरे देश के मनुष्य के जरूरत के अनुसार समय-समय पर पॉलिसी को प्रस्तुत कर के अपने मापदंड पर खरा उतरा हैं।

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